श्रवण राठौर
#13nov
#22april
नदीम श्रवण की जोड़ी
श्रवण कुमार राठौड़
🎂13 नवंबर 1954
⚰️22 अप्रैल 2021
जन्म की तारीख और समय: 13 नवंबर 1954, मुम्बई
मृत्यु की जगह और तारीख: 22 अप्रैल 2021, मुम्बई
बच्चे: संजीव राठोड़, दर्शन राठोड़
माता-पिता: पंडित चतुर्भुज राठोड
भाई: विनोद राठोड, रूप कुमार राठोड
मैं कितना तन्हा था ऐ दोस्त तेरे बिना
तेरा दिल भी था ख़ाली ख़ाली देख मेरे बिना
तू जो मिला ऐसा लगा बिखरा हुआ सपना सजा
मोहब्बत की बहारों से यह दामन भर दिया तूने
मेरी वीरान राहों में उजाला कर दिया तूने
इन पंक्तियों को नदीम-श्रवण ने 'दोस्ती फ्रेंड्स फ़ॉरएवर' के लिए संगीतबद्ध किया था और विडंबना देखें कि इसके बाद उन दोनों ने फिर कभी साथ काम नहीं किया।
संगीत के परिदृश्य से दोनों ही अदृश्य हो गए. हालाँकि नदीम ने बाद में कुछ फ़िल्मों में अकेले संगीत दिया, लेकिन वे अपनी ही लोकप्रियता नहीं हासिल कर सके.
दूसरी तरफ़ श्रवण अपने बेटों संजीव-दर्शन की संगीतकार जोड़ी को आगे बढ़ाने में व्यस्त हो गए. ग़ौरतलब है कि गुलशन कुमार की हत्या की साज़िश में अभियुक्त नदीम के आत्मनिर्वासन के बाद ही यह जोड़ी टूट गई थी. दूसरी संक्षिप्त पारी में वे पिछली बार का जादू नहीं जगा पाए.
1997 में गुलशन कुमार की हत्या में साज़िश रचने का आरोप नदीम पर लगा. नदीन उन दिनों अपनी बीवी के इलाज के सिलसिले में लंदन गए थे.
गिरफ्तारी के डर से वे नहीं लौटे और इधर श्रवण से मिलने में भी फ़िल्म इंडस्ट्री के लोग हिचकिचाने लगे. नदीम की अनुपस्थिति में श्रवण ने हाथ में ली कुछ फ़िल्मों का संगीत पूरा किया, लेकिन उनमें दोनों की ख़ासियत ग़ायब थी.
श्रवण राठौर एक प्रसिद्ध भारतीय संगीतकार, संगीत निर्देशक, कंपोजर, संगीत निर्माता और गायक थे, जिन्होंने संगीतकार नदीम के साथ अपनी जोड़ी 'नदीम-श्रवण' बनाई और हिंदी सिनेमा को एक से बढ़ कर एक गीत दिए। इन्होने अपने संगीत करियर की शुरुवात भोजपुरी फिल्म ' दंगल' से की थी, लेकिन इन्हे पहचान साल 1990 में आयी फिल्म 'आशिकी' से मिली। फिल्म 'आशिकी' की एल्बम बॉलीवुड में अब तक की सबसे ज्यादा बिकने वाली अल्बम है।
इस जोड़ी ने बॉलीवुड की कई लोकप्रिय फिल्मों- दिल है के मानता नहीं, साजन, साथी, फूल और कांटे, सड़क, दिल का क्या कसूर, सपने साजन के, दीवाना, हम है रही प्यार के, दामिनी, सैनिक, दिलवाले, बरसात, राजा, जीत, राजा हिन्दुस्तानी, जुदाई, और मोहब्बत जैसी फिल्मों के सगीत दिए है।
फिल्म 'आशिकी' के लिए इन्हे अपना पहला, सर्वश्रेष्ठ संगीतकार का फिल्मफेयर अवार्ड मिला। जिसके बाद इन्हे लगातार 3 फिल्मफेयर अवार्ड मिला।
साल 2000 में, श्रवण ने नदीम के साथ मिल के फिल्म 'धड़कन में हिट संगीत दिया। लेकिन 2005 में फिल्म 'दोस्ती' के बाद दोनों अलग हो गए।
मृत्यु
22 अप्रैल 2021 को, श्रवण कोरोना से लड़ते हुए ज़िन्दगी की जंग हार गए। श्रवण 'COVID-19' से संक्रमित थे।
उनके बेटे और पत्नी भी संक्रमित हो गए थे. परिवार को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती करवाया गया था. ऐसे में जब श्रवण ने अपनी आखिरी सांस ली, तब उनका परिवार उनके पास नहीं था. श्रवण राठौड़ के दो बेटे हैं- संजीव और दर्शन. ये दोनों ही म्यूजिक इंडस्ट्री में एक जोड़ी के रूप में काम करते हैं.
श्रवण का जन्म म्यूजिकल बैकग्राउंड वाले परिवार में हुआ था. उनके पिता पंडित चतुर्भुज राठौड़, ध्रुपद ट्रेडिशन के सबसे जाने माने आर्टिस्ट थे, जिन्होंने खूब नाम कमाया था.
श्रवण की पत्नी के बारे में लोगों को कम ही पता है. वह ज्यादातर लाइमलाइट से दूर रहती हैं. कई बार उन्हें पति और बच्चों के साथ म्यूजिक इवेंट्स में स्पॉट जरूर किया गया है.
#22april
नदीम श्रवण की जोड़ी
श्रवण कुमार राठौड़
🎂13 नवंबर 1954
⚰️22 अप्रैल 2021
जन्म की तारीख और समय: 13 नवंबर 1954, मुम्बई
मृत्यु की जगह और तारीख: 22 अप्रैल 2021, मुम्बई
बच्चे: संजीव राठोड़, दर्शन राठोड़
माता-पिता: पंडित चतुर्भुज राठोड
भाई: विनोद राठोड, रूप कुमार राठोड
मैं कितना तन्हा था ऐ दोस्त तेरे बिना
तेरा दिल भी था ख़ाली ख़ाली देख मेरे बिना
तू जो मिला ऐसा लगा बिखरा हुआ सपना सजा
मोहब्बत की बहारों से यह दामन भर दिया तूने
मेरी वीरान राहों में उजाला कर दिया तूने
इन पंक्तियों को नदीम-श्रवण ने 'दोस्ती फ्रेंड्स फ़ॉरएवर' के लिए संगीतबद्ध किया था और विडंबना देखें कि इसके बाद उन दोनों ने फिर कभी साथ काम नहीं किया।
संगीत के परिदृश्य से दोनों ही अदृश्य हो गए. हालाँकि नदीम ने बाद में कुछ फ़िल्मों में अकेले संगीत दिया, लेकिन वे अपनी ही लोकप्रियता नहीं हासिल कर सके.
दूसरी तरफ़ श्रवण अपने बेटों संजीव-दर्शन की संगीतकार जोड़ी को आगे बढ़ाने में व्यस्त हो गए. ग़ौरतलब है कि गुलशन कुमार की हत्या की साज़िश में अभियुक्त नदीम के आत्मनिर्वासन के बाद ही यह जोड़ी टूट गई थी. दूसरी संक्षिप्त पारी में वे पिछली बार का जादू नहीं जगा पाए.
1997 में गुलशन कुमार की हत्या में साज़िश रचने का आरोप नदीम पर लगा. नदीन उन दिनों अपनी बीवी के इलाज के सिलसिले में लंदन गए थे.
गिरफ्तारी के डर से वे नहीं लौटे और इधर श्रवण से मिलने में भी फ़िल्म इंडस्ट्री के लोग हिचकिचाने लगे. नदीम की अनुपस्थिति में श्रवण ने हाथ में ली कुछ फ़िल्मों का संगीत पूरा किया, लेकिन उनमें दोनों की ख़ासियत ग़ायब थी.
श्रवण राठौर एक प्रसिद्ध भारतीय संगीतकार, संगीत निर्देशक, कंपोजर, संगीत निर्माता और गायक थे, जिन्होंने संगीतकार नदीम के साथ अपनी जोड़ी 'नदीम-श्रवण' बनाई और हिंदी सिनेमा को एक से बढ़ कर एक गीत दिए। इन्होने अपने संगीत करियर की शुरुवात भोजपुरी फिल्म ' दंगल' से की थी, लेकिन इन्हे पहचान साल 1990 में आयी फिल्म 'आशिकी' से मिली। फिल्म 'आशिकी' की एल्बम बॉलीवुड में अब तक की सबसे ज्यादा बिकने वाली अल्बम है।
इस जोड़ी ने बॉलीवुड की कई लोकप्रिय फिल्मों- दिल है के मानता नहीं, साजन, साथी, फूल और कांटे, सड़क, दिल का क्या कसूर, सपने साजन के, दीवाना, हम है रही प्यार के, दामिनी, सैनिक, दिलवाले, बरसात, राजा, जीत, राजा हिन्दुस्तानी, जुदाई, और मोहब्बत जैसी फिल्मों के सगीत दिए है।
फिल्म 'आशिकी' के लिए इन्हे अपना पहला, सर्वश्रेष्ठ संगीतकार का फिल्मफेयर अवार्ड मिला। जिसके बाद इन्हे लगातार 3 फिल्मफेयर अवार्ड मिला।
साल 2000 में, श्रवण ने नदीम के साथ मिल के फिल्म 'धड़कन में हिट संगीत दिया। लेकिन 2005 में फिल्म 'दोस्ती' के बाद दोनों अलग हो गए।
मृत्यु
22 अप्रैल 2021 को, श्रवण कोरोना से लड़ते हुए ज़िन्दगी की जंग हार गए। श्रवण 'COVID-19' से संक्रमित थे।
उनके बेटे और पत्नी भी संक्रमित हो गए थे. परिवार को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती करवाया गया था. ऐसे में जब श्रवण ने अपनी आखिरी सांस ली, तब उनका परिवार उनके पास नहीं था. श्रवण राठौड़ के दो बेटे हैं- संजीव और दर्शन. ये दोनों ही म्यूजिक इंडस्ट्री में एक जोड़ी के रूप में काम करते हैं.
श्रवण का जन्म म्यूजिकल बैकग्राउंड वाले परिवार में हुआ था. उनके पिता पंडित चतुर्भुज राठौड़, ध्रुपद ट्रेडिशन के सबसे जाने माने आर्टिस्ट थे, जिन्होंने खूब नाम कमाया था.
श्रवण की पत्नी के बारे में लोगों को कम ही पता है. वह ज्यादातर लाइमलाइट से दूर रहती हैं. कई बार उन्हें पति और बच्चों के साथ म्यूजिक इवेंट्स में स्पॉट जरूर किया गया है.
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