रोहिणी हट्टंगड़ी

#11april 
रोहिणी हट्टंगड़ी 
 11 अप्रैल 1955 , पुणे
पति: जयदेव हत्तंगडी (विवा. 1977–2008)
बच्चे: असीम हत्तंगडी
माता-पिता: अनंत ओक
इनाम: बाफ्टा पुरस्कार - सहायक भूमिका में अभिनेता द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन, 
रोहिणी हट्टंगड़ी भारतीय सिनेमा की एक प्रमुख अभिनेत्री है।
जन्‍म:
      रोहिणी हट्टंगड़ी एक भारतीय फिल्‍म अभिनेत्री हैं। जिनका जन्‍म 11 अप्रैल 1955 को महाराष्‍ट्र के पुणे में हुआ था। उनके पिताजी का नाम अनन्‍त ऑक था। 

शिक्षा: 
       
रोहिणी ने अपनी स्‍कूली शिक्षा रेणुका स्‍वरूप मेमोरियल गर्ल्‍स हाई स्‍कूल पुणे से पूरी की। इसके बाद उन्‍होंने नेशनल स्‍कूल ऑफ ड्रॉमा नई दिल्‍ली में एडमिशन लिया। इसके साथ ही रोहिणी ने भारतीय क्‍लासिकल डांस कथकली और भरतनाट्यम भी सीखा।
 
शादी:
     
 रोहिणी एनएसडी के ही अपने बैचमेट जयदेव हट्टंगड़ी से शादी की थी, जिनका 2008 में कैंसर से निधन हो गया था। दोनों का एक बेटा असीम हट्टंगड़ी है जो बॉलीवुड में सक्रिय है। 

करियर:
         
रोहिणी ने अपने करियर की शुरुआत मराठी स्टेज शो से की थी। कैरियर के शुरुआती दिनों में जयदेव और रोहिणी ने बॉम्बे में एक मराठी थिएटर ग्रुप (आशिर्वाद) शुरू किया। जिसने 150 से अधिक नाटकों का निर्माण किया था। इसके बाद उन्‍होंने कई टीवी सीरियलों में भी काम किया। 
 
रोहिणी हट्टंगड़ी ने 1978 में सईद अख्तर मिर्ज़ा की फिल्‍म 'अरविंद देसाई की अजिब दास्तान' के साथ फिल्मी करियर की शुरुआत की। फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता। और इसके बाद उन्‍होंने अल्बर्ट पिंटो को गुसा क्यूं आता है (1980) 
 चक्र (1981) में भी मुख्य भूमिकाओं में अभिनय किया।

उनका अगला बड़ा ब्रेक एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म गांधी (1982) था, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली, और 1982 में इस फिल्‍म में सहायक भूमिका के लिये उन्‍हें BAFTA अवार्ड मिला इस अवार्ड को पाने वाली वह इकलौती भारतीय अभिनेत्री हैं। 
 
उन्होंने दो 'फिल्मफेयर पुरस्कार' और एक 'राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार' जीता है। वह मुख्‍यत: फिल्म गांधी (1982) में कस्तूरबा गांधी के अभिनय के कारण जानी जाती हैं। उन्हें महेश भट्ट की दो फिल्मों, अर्थ (1982) और सारांश (1984) में उनकी भूमिकाओं के लिए भी जाना जाता है।
 
अपने करियर के इन वर्षों में, उन्होंने  70 से भी अधिक फिल्मों में काम किया है, और प्रत्येक में उन्होंने अपने पात्रों को उतने ही प्रभावशाली ढंग से चित्रित किया है जितना वह अपने थिएटर प्रदर्शन में करती हैं।
🎥
2003 मुन्ना भाई एम बी बी एस 
2002 बधाई हो बधाई 
2001 लज्जा 
2000 पुकार 
1999 सौतेला 
1999 जानम समझा करो 
1998 हंसते हंसते 
1998 मोहब्बत और ज़ंग 
1998 कभी ना कभी 
1998 श्याम घनश्याम 
1998 हफ़्ता वसूली 
1997 कॄष्ण अर्जुन 
1997 गैम्बलर 
 1997 कहर 
1996 हम हैं प्रेमी 
1996 राम और श्याम 
1996 कॄष्णा 
1996 घातक 
1995 अकेले हम अकेले तुम
1995 अब इंसाफ़ होगा 
1995 वीरगति शान्ता 
1993 दामिनी 
1992 रात 
1991 माने 
1991 एक घर 
1991 बेनाम बादशाह 
1991 धर्म संकट 
1991 कुर्बान 
1991 लक्ष्मण रेखा 
1990 अग्निपथ 
1990 क्रोध 
1989 चालबाज़ 
1989 गैर कानूनी 
1989 लड़ाई 
1989 शिवा 
1988 शहँशाह
1988 आकर्षण 
1988 शुक्रिया 
1988 हीरो हीरालाल 
1988 रुख़सत 
1988 तमाचा 
1987 ठिकाना 
1987 जलवा 
1986 अंजुमन 
1986 धर्म अधिकारी 
1985 अनंतयात्रा 
1985 अघात
1984 सारांश 
1984 मोहन जोशी हाज़िर हो 
1984 हसीयत 
1984 भावना 
1984 लोरी 
1984 पार्टी 
1984 तरंग 
1984 इंसाफ कौन करेगा 
1984 ज़ख्मी शेर
1983 कैसे कैसे लोग 
1982 अर्थ 
1982 आपस की बात 
1981 चक्र 
1978 अरविन्द देसाई की अजीब दास्ता

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